Add To collaction

लेखनी प्रतियोगिता -23-Apr-2022

चांद फिर निकला
विधा कविता

चांद फिर निकला है लेकर रवानी नई।
मधुर इन गीतों ने कह दी कहानी नई।

बागों में बहारें आई कली कली मुस्कुराई। 
मन मेरा महका सा मस्त चली पुरवाई। 

चांद सा मुखड़ा देखूं थाम लूं तेरी बाहों को। 
चैन आ जाए मुझको सजा दो मेरी राहों को।

चांद जमी पे उतरा रौनक सी छा गई है। 
खिल गया दिल मेरा बहारे भी आ गई है। 

रोशनी सी हो गई है जिंदगी दमक उठी। 
पलकों पर अजब सी चांदनी चमक उठी।

वैचेन मन ये मेरा दिल को करार आया। 
चांद ने दस्तक दे दी रोम रोम हरसाया। 

लबों पर तराने आए प्यार भरे गीत गाए। 
शमां सारा महकाया नैन राहों में बिछाए। 

प्रीत भरी वादियों में हलचल सी हो गई। 
खुशबू ने डाला डेरा सुहानी रातें हो गई।

रमाकांत सोनी सुदर्शन
नवलगढ़ जिला झुंझुनू राजस्थान

   19
12 Comments

Zainab Irfan

25-Apr-2022 03:21 PM

बहुत ही सुन्दर

Reply

Vijay Pandey

24-Apr-2022 10:44 PM

Nice

Reply

Punam verma

24-Apr-2022 07:38 AM

Nice

Reply